08 मई 2018 को पुण्य तिथि पर श्रद्धांजली अमर शहीद द्वारिका प्रसाद की 20वा शहादत दिवस

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जन्म
जन्म :
 
स्व० रामदेव प्रसाद दाँगी एव स्व० राजेश्वरी देवी के प्रथम पुत्र का जन्म 04 जुलाई 1947 ई० को ग्राम मरांची, प्रखण्ड परैया, ज़िला-गया में एक किसान परिवार में हुआ था I .
 
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शिक्षा
शिक्षा :-
 
अशोक उच्चागंल विद्यालय, परैया से मैट्रिक उत्तीर्ण, एस० एस० कॉलेज, जहानाबाद से 1965 में आई एस सी उत्तीर्ण, 1967 में बी एस सी उत्तीर्ण, एव 1969 में मगध विश्वविद्यालय गया से एम एस सी की डिग्री गणित विषय से की I इनहोने सभी परीक्षाए प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की I
 
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सरकारी सेवा
सरकारी सेवा
 
एम० एस० सी० उत्तीर्ण होने के कुछ ही दिनों बाद तेणुघाट परियोजना (सिचाई विभाग)में सुपरवाइज़र पद पर नौकरी करने लगे I
 
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विवाह

विवाह :-

 
सातवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद परैया प्रखण्ड के लोदीपुर गाँव के श्री रामानन्द सिंह दाँगी की पुत्री सुश्री सुमित्रा देवी के साथ विवाह हुई I
 
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पारिवारिक स्थिति

पारिवारिक स्थिति :-

 
शहीद दाँगी द्वारिका प्रसाद के छोटे भाई का नाम श्री अरविंद कुमार वैध और बहन का नाम श्रीमती सरस्वती देवी है जो शिक्षिका हैं I इनके दो पुत्र श्री प्रवीण कुमार दाँगी एव श्री विपिन आंशु दाँगी तथा एक मात्र पुत्री श्रीमती रेणु कुमारी है I
 
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सरकारी सेवा का त्याग

सरकारी सेवा का त्याग :-

 
स्व्छंद विचार, स्वाभिमान तथा स्वतंत्र सोच रहने के कारण सरकारी सेवा का त्याग कर समाज सेवा मे लिफ्त हो गये I
 
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दाँगी संघ के सिपाही

सिपाही :

 

इनकी लग्न निष्ठा एव कार्यकुशलता को देखकर जहानाबाद जिलान्तर्गत धराउत ग्राम में 1991 में हुये अखिल भारतीय दाँगी क्षत्रिय संघ, बिहार के प्रादेशिक सम्मेलन में सर्वसम्मत से प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया I शोषित समाज दल एव अर्जक संघ से लगाव:- जहानाबाद के स्व० यडुनंदन महतो तथा शहीद जगदेव प्रसाद के विचारों से प्रेरित होकर अपनी एक मात्र पुत्री रेणु कुमारी दाँगी की शादी अर्जक पद्धति से श्री परमेश्वर सिंह दाँगी के पुत्र श्री बिन्दु कुमार, ग्राम-जमुआरा,प्रखण्ड-टेकारी, गया से 1992 ई० मे की I प्रखण्ड इमामगंज, गया के रानी बाज़ार मे पखण्ड मिटाओ प्रदर्शनी लगाकर एव 25,26,27 फरवरी 1999 को जगदेव मेला में अपने प्रथम पुत्र प्रवीण कुमार दाँगी की शादी इमामगंज प्रखण्ड के ग्राम भगहर टीयर के श्री अयोध्या प्रसाद की पुत्री सुश्री मालती कुमारी के साथ बिना तिलक दहेज से की I लोक सभा क्षेत्र से उम्मीदवार:- 1998 ई० में लोक सभा चुनाव मे चतरा संसदीय क्षेत्र से शोषित समाज दल का उम्मीवार बनाए गए I चुनाव मे चौथा स्थान प्राप्त करने के बावजूद भी कर्मठता, ईमानदारी के कारण लोकप्रियता काफी बढ़ने लगी I

 
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शोषित समाज दल में सांगठनिक पद

शोषित समाज दल में सांगठनिक पद :-

 

1999 के मार्च-अप्रेल में बाराचटठी के सुलेबट्टा मैदान में पुन: जगदेव मेला लगाकर पखण्डियों का पर्दाफास किया और और उस क्षेत्र मे लोकप्रियता अर्जित की I इसी मेला में शोषित समाज दल के बिहार प्रदेश के राज्य मन्त्री बनाए गए I

 
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शिक्षा विकास में योगदान

शिक्षा विकास में योगदान

 

इन सारे कार्यों के भ्रमण के दौरान मजदुर किसान कॉलेज, पांकी (पलामू) के व्याख्याता श्री उमेश प्रसाद दांगी तथा श्री रामानुज प्रसाद दांगी से डाल्टेनगंज में भेट हुई I उपरांत दोनों को गया लौटाकर गुरुआ इण्टर कॉलेज, गुरुआ का प्रिंसिपल श्री रामानुज प्रसाद दांगी एवं किसान इण्टर कॉलेज, कोरमा (गया) का प्रिंसिपल श्री उमेश प्रसाद दांगी को बनाकर कॉलेज संचालित करवाया I अपने जीवन के अंतिम क्षण तक वे संस्थापक के रूप में रहे I

 
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विश्व नास्तिक सम्मलेन के आयोजन में बिहार का प्रतिनिधित्व

विश्व नास्तिक सम्मलेन के आयोजन में बिहार का प्रतिनिधित्व :-

 

आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में नास्तिकाश्रम नामक संस्था के निदेशक श्री लवणम जी की अध्यक्षता में 1991 ई० में विश्व नास्तिक सम्मलेन के आयोजन में बिहार के प्रतिनिधि के रूप में स्वतंत्रता सेनानी डा० रामानंद त्रिशंकु के साथ गए थे जिस सम्मलेन में इंग्लैंड,आस्ट्रेलिया,फ्रांस,नाइजीरिया आदि देशों के प्रतिनिधियों के बिच इनका अंग्रेजी में भाषण देना एक चर्चा का विषय बन गया था I

 
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संस्था के निर्माण में निपुणता

संस्था के निर्माण में निपुणता :-

 

किसान परिवार से आये दांगी द्वारिका प्रसाद को किसानो की समस्याएं काफी निकट से देखने का मौका मिला था इसलिए इन्होने अखिल भारतीय कामगार सभा नामक संस्था का गठन किया था जिसके राष्ट्रिय अध्यक्ष-शहीद दांगी द्वारिका प्रसाद बने I चतरा,पलामू,हजारीबाग आदि क्षेत्रों में विस्तार कर किसानो की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का कार्य करते थे उदाहरणार्थ - कृषि योग्य भूमि की सिचाईं की पक्की व्यवस्था करवाना, कृषि योग्य वस्तुओ का उचित मूल्य दिलाना आदि-आदि I

 
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पलामू फिल्ड फायरिंग रेंज का प्रतिरोध

पलामू फिल्ड फायरिंग रेंज का प्रतिरोध :-

 

इस इलाके में सरकार द्वारा पुलिस फायरिंग रेंज की स्थापना का प्रस्ताव को जनता के सहयोग को असफल करवाकर उस इलाके की जनता का विस्थापन होने से बचाया I

 
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डा० भीम राव अम्बेडकर जयंती द्वारा जान-जागरण
महात्मा बुद्ध और डा० भीम राव अम्बेडकर के विचारों से ओत-प्रोत वाले व्यक्ति डा० अम्बेडकर की 108वी जयंती के माध्यम से 1999 में जन-जागरण अभियान प्रारम्भ किया I 20 अप्रैल को डुमरिया, 21 अप्रैल को कुशडीह में रात्रि में शंबूक बध नाटक किया गया I फिर 22 अप्रैल को बोध गया में दल के वरिष्ठ नेताओ के साथ जयंती मनाई गई I फिर 24,25,29 अप्रैल तथा 02,05,और 07 मई 1999 को पलामू के मनातू प्रखंड,पदमागली,लेस्लीगंज बाजार, सिलदिलिया, कोनवाई और पांकी बाजार में जयंती मनाई गई I

8 मई 1999 का वह काला दिन

मनातू थाना (पलामू) के कसमार-पसहर बाजार में डा० अम्बेडकर की जयंती मनाई जा रही थी तो सभा में काफी भीड़ थी I सभी साथियों का भाषण समाप्त हो चूका था I 5 बजे का वक़्त था ललन मांझी गीत गए रहे थे तभी 30-40 की संख्या में अस्त्र - शस्त्र से लैस उग्रवादियों ने आकर मंच को घेर लिया और शहीद दांगी द्वारिका प्रसाद को मंच से खींचने लगे तभी रामप्रसाद दांगी, पूर्व मुखिया,ललन मांझी और परमेश्वर प्रसाद दांगी इनसे लिपट गए I उग्रवादिओं ने लाठी-डंडे से सबों को लहूलुहान कर दिया I हड्डी-पसली एक कर दिया I शहीद द्वारिका दांगी को माथे पर काफी चोट थी और रक्त बह रहा था I डर से कोई बचाने वाला नहीं था बल्कि सभी दर्शक भाग खड़े हुए I पानी-पानी चिल्ला रहे थे, डर से कोई पानी नहीं दे रहा था I रात में दुबककर एक बुढ़िया थोड़ा पानी दी थी और इसी क्रम में देर रात में आवाज़ थमते देखकर निकट पड़े ललन मांझी से शहीद मांझी ने कहा कि अम्बेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना है I अंतत: जीत हमारी होगी I अब मैं विदा ले रहा हूँ I जय शोषित! जय भारत ! कहते हुए इस महान समाजसेवी कि सांसे रुक गई I ऐसे महान क्रन्तिकारी,बलिदानी को शत-शत नमन I

डा० भीम राव अम्बेडकर जयंती द्वारा जान-जागरण
महात्मा बुद्ध और डा० भीम राव अम्बेडकर के विचारों से ओत-प्रोत वाले व्यक्ति डा० अम्बेडकर की 108वी जयंती के माध्यम से 1999 में जन-जागरण अभियान प्रारम्भ किया I 20 अप्रैल को डुमरिया, 21 अप्रैल को कुशडीह में रात्रि में शंबूक बध नाटक किया गया I फिर 22 अप्रैल को बोध गया में दल के वरिष्ठ नेताओ के साथ जयंती मनाई गई I फिर 24,25,29 अप्रैल तथा 02,05,और 07 मई 1999 को पलामू के मनातू प्रखंड,पदमागली,लेस्लीगंज बाजार, सिलदिलिया, कोनवाई और पांकी बाजार में जयंती मनाई गई I
डा० भीम राव अम्बेडकर जयंती द्वारा जान-जागरण
महात्मा बुद्ध और डा० भीम राव अम्बेडकर के विचारों से ओत-प्रोत वाले व्यक्ति डा० अम्बेडकर की 108वी जयंती के माध्यम से 1999 में जन-जागरण अभियान प्रारम्भ किया I 20 अप्रैल को डुमरिया, 21 अप्रैल को कुशडीह में रात्रि में शंबूक बध नाटक किया गया I फिर 22 अप्रैल को बोध गया में दल के वरिष्ठ नेताओ के साथ जयंती मनाई गई I फिर 24,25,29 अप्रैल तथा 02,05,और 07 मई 1999 को पलामू के मनातू प्रखंड,पदमागली,लेस्लीगंज बाजार, सिलदिलिया, कोनवाई और पांकी बाजार में जयंती मनाई गई I